चिंता में व्यक्ति बिना कारण घबराया हुआ महसूस करता है।
इसके लक्षणों में तेज़ दिल की धड़कन, पसीना और बेचैनी शामिल हैं।
चिंता से नींद और एकाग्रता पर असर पड़ता है।
लंबे समय तक चिंता रहने से पढ़ाई और काम प्रभावित होता है।
योग, ध्यान और काउंसलिंग से चिंता को कम किया जा सकता है।
समय पर उपचार और सहयोग से चिंता पर नियंत्रण संभव है।