– शौच के समय दर्द – गुदा क्षेत्र में सूजन या गांठ – खुजली और जलन – शौच के बाद खून आना – बैठने में असुविधा
– लंबे समय तक कब्ज रहना – कम पानी पीना – फाइबर की कमी वाली डाइट – ज्यादा देर तक बैठना – प्रेग्नेंसी में दबाव बढ़ना – भारी वजन उठाना
– दिन में 2–3 बार गुनगुने पानी से Sitz Bath करें – खाने में फाइबर बढ़ाएँ – सलाद, फल, दाल, सब्जियां – रोज़ाना 10–12 गिलास पानी – मसालेदार और तली चीज़ों से बचें – शौच करते समय जोर न लगाएँ – हल्की वॉक या योग प्रैक्टिस करें
– खून बार-बार आ रहा हो – सूजन बढ़कर बाहर आने लगे – दर्द बहुत ज्यादा हो – दवाइयों से राहत न मिल रही हो