हर छोटे काम में AI पर निर्भर रहना दिमागी सक्रियता को कम कर सकता है।
कॉग्निटिव साइंस के अनुसार सोचने और समस्या हल करने से दिमाग मजबूत होता है।
जब AI सब कुछ कर देता है, तो याददाश्त और निर्णय क्षमता कम इस्तेमाल होती है।
शोध बताते हैं कि ज़्यादा डिजिटल निर्भरता से ध्यान और सीखने की गहराई घटती है।
AI का सही उपयोग मदद के लिए होना चाहिए, सोच की जगह नहीं।
सोच और AI के बीच संतुलन ही दिमाग को तेज और स्वस्थ रखता है।